Sunday, 19 August 2012

ब्यूटी टिप्स : खूबसूरत आंखों के लिए


खूबसूरत आंखें किसी भी व्यक्ति की सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं । वैसे तो कई लोगों की आंखें कुदरती तौर पर आकर्षक होती हैं लेकिन यदि ऐसा नहीं भी है तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। आंखों का स्वस्थ होना सुंदर होने से ज्यादा जरूरी है। आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग हैं और इनकी सही ढंग से देखभाल अत्यंत आवश्यक है। आज जब अधिकतर युवतियां कम्प्यूटर से रूबरू हैं और रोजाना एक भागमभाग भरी जिंदगी से गुजर रही हैं। ऐसे में आंखों की ओर पर्याप्त ध्यान देना निहायत जरूरी है।
 प्रस्तुत है आंखों की देखभाल संबंधी कुछ टिप्स ,जिन्हें अपनाकर आप अपनी आंखों को नया लुक दे सकती हैं।
 * आंखों की सुंदरता बनाए रखने और हमेशा तरोताजा रहने के लिए नींद सबसे जरूरी है। भरपूर नींद न केवल आपकी आंखों में चमक बनाए रखेगी वरन आपको भी दिनभर तरोताजा रखेगी।
 * आमतौर पर देखा गया है कि अत्यधिक काम की वजह से या तनाव के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती, इससे आंखें लाल हो जाती हैं और थकी हुई लगने लगती हैं। आंखों को तरोताजा रखने के लिए गुलाब जल में रुई भिगोकर आंखों पर रखें। कुछ देर बाद ठंडे पानी के छींटे आंखों पर डालें। ऐसा करने से आंखों को बहुत आराम मिलेगा।
 * आंखों को ठंडक प्रदान करने के लिए खीरे के गोल टुकड़े काटकर आंखों पर दस मिनट के लिए रखें फिर ठंडे पानी से आंखें धो लें। 
 * आंखों के नीचे पड़े काले धब्बों से राहत पाने के लिए आलू को कद्दूकस करके काले घेरों पर लगाएं। आधे घंटे बाद पानी से धो लें और मॉइश्चराइजर लगा लें।
 * एक कप गुनगुने पानी में एक टी स्पून नमक मिलाकर दो छोटे कॉटन पैड डुबोकर हल्के निचोड़ें और आंखों पर रखें, जब तक कि पैड ठंडे न हो जाएं। इसके बाद ठंडे पानी से आंखें धो लें, इससे आंखों की सूजन कम हो जाएगी।
 * आंखों के आसपास की त्वचा बहुत ही नाजुक और पतली होती है और इसकी विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए आलू का रस और दूध मिलाकर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रखें। रुई में भिगोकर करीब दस मिनट तक आंखों पर रखें। ठंडे पानी से आंखें धो लें।
 * किसी बादामयुक्त क्रीम से आंखों की हल्के हाथों से गोलाई में मालिश करें।
 * आंखों की चमक बढ़ाने के लिए बाहरी नुस्खों के साथ ही जरूरी है कि आप विटामिन 'ए' से भरपूर आहार लें। ये छोटी-छोटी बातें अपनाकर आप बना सकती हैं अपनी आंखों को और भी खूबसूरत...। फिर जब आपकी आंखें होंगी झील सी तो कौन इनमें डूबना नहीं चाहेगा।

Monday, 6 August 2012

घर पर बनाएं हेयर कंडीशनर


1-1 टी स्पून कैस्टर ऑयल, माल्ट विनेगर, ग्लिसरीन, ऑलिव ऑयल और शैंपू को एक साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं और बालों को धोने से पहले इसे बीस मिनट तक लगाएं। इससे बालों का टेक्सचर सही हो जाएगा। 
 * एक प्याज को कस लें और उसमें थोड़ी कसी हुई पत्तागोभी मिलाकर तांबे के बर्तन में रात भर के लिए रख दें। इससे बालों में जबर्दस्त चमक आ जाएगी। यह उपाय हफ्ते में एक बार करे। कैस्टर ऑयल बालों को बॉडी देता है। ऑलिव ऑयल बालों के लिए टॉनिक के समान है और विनेगर एसिड मैंटल को री-स्टोर करने में मदद करता है। ग्लिसरीन सिर की त्वचा की आवश्यक नमी को बनाए रखती है। 
 2. हिना कंडीशनर तैलीय बालों के लिए - 1 चम्मच मेहंदी को 2 चम्मच दही व चुटकी भर चीनी के साथ थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं। बालों व सिर की त्वचा पर लगाकर बीस मिनट के बाद धो ले। रूखे बालों के लिए : एक टेबल स्पून मेहंदी को एक टेबल स्पून कोकोनट ऑयल और पर्याप्त दूध में मिला कर पेस्ट बनाएं। इसे बालों में बीस मिनट लगाएं और साफ कर लें। हिना कंडीशनर से बालों में अच्छा रंग भी आता है और बाल मजबूत भी होते है।
 3. हेयर सेटिंग कंडीशनर : 1 टी स्पून जेलेटिन को एक मग पानी में मिलाएं। इस पानी से शैंपू करने के बाद बालों को धो लें। उसके बाद बालों को अंगुलियों की सहायता से सुखाएं और जैसा हेयर स्टाइल आप चाहती है वैसा सेट करे।

भीगे-भीगे मौसम में सलामत रहे रूप



गर्मी की तपन के बाद बारिश का स्वागत हर कोई बड़े मन से करता है। ये रिमझिम फुहारें अच्छी तो लगती है लेकिन इस मौसम में आ‌र्द्रता बढ़ने के कारण त्वचा पर उसका सीधा असर होता है। वर्षा ऋतु यानी मानसून एक ऐसा समय होता है जब अपनी ही त्वचा, अजनबी सी लगने लगती है। कभी वह एकदम चिपचिपी कभी शुष्क तो कभी डिहाइड्रेटेड लगती है। इसीलिए इस मौसम में त्वचा की सुरक्षा और देखभाल विशेष तौर पर की जानी आवश्यक होती है। 
 आप क्या करे इस मौसम में उचित आहार सबसे जरूरी होता है। न्यूट्रिशनिस्ट्स का मानना है कि खानपान का सीधा असर आपकी त्वचा पर भी पड़ता है। मौसम के अनुकूल खाने की आदत न सिर्फ व्यक्ति को स्वस्थ रखती है बल्कि उसकी त्वचा भी स्वस्थ रहती है। डाइट ऐसी हो जिससे पाचन तंत्र पर अधिक जोर न पड़े। अपने भोजन में हरी सब्जियां और फाइबरयुक्त चीजों को शामिल करना आवश्यक होता है।
 इस मौसम में जिंकयुक्त पदार्थो का लेना अत्यंत लाभप्रद रहता है, क्योंकि जिंक एंटीबैक्टीरियल होता है और यह तत्व सूरजमुखी के बीज, सोयाबीन, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज से काफी अच्छी मात्रा में उपलब्ध हो जाता है। आहार विशेषज्ञ नीतू साल्वे के अनुसार, इस मौसम में सब्जी बनाने से पूर्व, नमक मिले गुनगुने पानी में अच्छी तरह धो ले ताकि कोई संक्रमण आंतों तक न पहुंच पाए। डाइटीशियन श्रुति कहती है कि बरसाती मौसम में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट से जितना बचें उतना ही अच्छा है क्योंकि कभी-कभी ये पदार्थ एलर्जी का कारण बन जाते है। बाह्यं स्तर पर देखभाल स्नान के लिए नीम सोप या डिटॉल सोप का प्रयोग करें। इस मौसम में संक्रमण की अधिक संभावना रहती है। इसलिए साफ-सफाई बेहद आवश्यक है। अपने शरीर को अंदरूनी स्तर पर सूखा रखने के लिए भीगे कपड़ों को जहां तक संभव हो तुरंत बदलें। टेल्कम पाउडर का इस्तेमाल जरूर करे। त्वचा की सफाई दिन में तीन-चार बार चेहरे की त्वचा की सफाई करे। हर रात त्वचा की किस्म के अनुसार फेसपैक लगाना, टोनिंग और मॉयस्चराइजिंग करना नियम बना लें। सौंदर्य विशेषज्ञा सुनीता अरोड़ा के अनुसार बरसात के दिनों में हर तीसरे दिन त्वचा की स्क्रबिंग जरूरी होती है ताकि मृत कोश निकल जाएं और त्वचा की भीतरी सफाई भी हो जाए। स्क्रबिंग से त्वचा की ऊपरी सतह पर जमा प्रदूषण, सिबेशियस की पर्त आदि दूर होती है और त्वचा हर संक्रमण से बची रह सकती है। कैसा हो मेकअप सौंदर्य विशेषज्ञा विद्या टिकारी के अनुसार आजकल बहुत लाइट मेकअप पसंद किया जा रहा है। बारिश के मौसम में वाटरप्रूफ मेकअप बेहतर होता है।
 इसके अलावा आप ये टिप्स अपना सकती हैं-
 1. अपने चेहरे की क्लीजिंग मिल्क द्वारा अच्छी तरफ साफ करें फिर एक साफ सूती कपड़े में बर्फ के कुछ टुकड़े डालकर कुछ देर चेहरे पर फेरे। फिर हलके से पोंछ लें। अगर त्वचा तैलीय है तो इसके बाद एस्ट्रिजेंट लगाएं और शुष्क से सामान्य त्वचा पर टोनर लगाएं।
 2. इस मौसम में फाउंडेशन न लगाकर यूवी प्रोटेक्शन युक्त सूफ्ले लगाएं। फिर कॉम्पेक्ट लगाकर ब्रश से झाड़ दें।
 3. चिपचिपाहट से बचने के लिए वाटर बेस्ड मॉयस्चराइजर प्रयोग में लाएं। लाइट पिंक या बेबी पिंक कलर की लिपस्टिक या मैट फिनिश लाइट शेड्स की लिपस्टिक इस्तेमाल करे।
 4. इस मौसम में आर्टीफिशियल आभूषण न पहनें। कभी-कभी इनसे पसीने और चिपचिपाहट के कारण एलर्जी भी हो जाती है। इसीलिए स्टोन के जेवर जैसे गार्नेट, रूबी, पन्ना, हीरा, जरकन तथा लाख के बने हलके आभूषण पहनें। चिपचिपी गर्मी के कारण परेशानी से बचने के लिए कम से कम आभूषण पहनें।
 5. अपनी आईब्रोज शेप में और अपरलिप्स हमेशा साफ रखें। ऐसा करने से आपके फीचर्स शार्प लगेंगे और आप मेकअप के बिना भी आकर्षक दिखेंगी। 
 6. इस मौसम में विशेष हेयर स्टाइल के बजाए, साधारण हेयर स्टाइल जैसे पोनीटेल या बालों को ऊपर की ओर खींचकर बांधना, जूड़ा बनाना तथा उसके ऊपर हेयर क्लिप लगाना ठीक रहता है
। 7. पर्स, बैग, सैंडिल, जूते लेदर के बजाए रेक्सीन के प्रयोग में लाएं।
 8. मौसम भले ही बरसात का हो काली घटा छाई रहे लेकिन आप जब भी घर वे बाहर निकलें सनस्क्रीन लगाना न भूलें।
 9. मेकअप में मैट फ्री फाउंडेशन और कॉम्पेक्ट का इस्तेमाल करे। काजल का प्रयोग न ही करे तो बेहतर होगा। 
 बालों की सफाई 
 1. त्वचा को संक्रमण से बचाए रखने के लिए अपने बालों की सफाई, कंडीशनिंग आदि पर विशेष ध्यान दें।
 2.इस मौसम में चिपचिपाहट और पसीने के कारण डैड्रफ होने की संभावना रहती है। कुछ स्त्रियों को बाल झड़ने की समस्या से भी सामना करना पड़ता है।
 3. हफ्ते में तीन बार अपने बालों की किस्म के अनुसार शैंपू का इस्तेमाल करे और धोने के बाद एक मग पानी में एक चम्मच सिरका डालकर बाल जरूर धोएं। इससे बालों को बॉडी मिल जाती है और वे चमकदार हो जाते है।
 4. लंबे बालों को सूखने में ज्यादा वक्त लगता है और आपके पास इतना वक्त न हो तो ऐसे में हेयर ड्रायर का प्रयोग कर लें पर गीले बालों को बांधे नहीं। ऐसा करने से सिर की त्वचा में खुजली तथा बालों के टूटने-झड़ने की समस्या हो सकती है। 
 5. बालों में डैंड्रफ न हो इसके लिए नियमित शैंपू करना आवश्यक है।

मिल सकती है फूलों से कोमल काया


तेज रसायनयुक्त उत्पाद आपकी त्वचा पर रूखापन और खिंचाव पैदा करते हैं। कृत्रिम खुशबूदार उत्पाद भी आपकी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते है। इसलिए आप अपनी त्वचा की बेहतर ंदेखभाल के लिए अधिक से अधिक प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करे, साथ ही यहां दिए जा रहे टिप्स पर भी ध्यान रखें। साफ रखें अपनी त्वचा सौंदर्य विशेषज्ञा डॉली कपूर कहती है कि आपकी त्वचा साफ रहे इसके लिए आवश्यक है त्वचा को साफ रखना। अत्यधिक रसायनयुक्त क्रीम या प्रसाधनों के इस्तेमाल से बचें। हफ्ते में एक बार गुनगुने पानी से स्नान त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। घरेलू फेसपैक से त्वचा को दें नया निखार। इसके लिए दो चम्मच गेहूं के आटे में एक चम्मच बादाम रोगन, एक चम्मच गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे चेहरे पर दस मिनट तक लगाएं। फिर हलके हाथों से मलकर छुड़ाएं। ऐसा हफ्ते में दो बार करे। इससे आपकी त्वचा कांतिमय हो जाएगी और उसे बाहरी व आंतरिक नमी भी मिलेगी। तनाव से रहे दूर तनाव कई प्रकार के होते है। शारीरिक तनाव तब होता है, जब आप अत्यधिक कार्य करती है और कुछ समय बाद आपका शरीर थक जाता है। इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर पड़ता है, क्योंकि इससे आपकी त्वचा के लिए जरूरी नमी खत्म होने लगती है और त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने शरीर को आवश्यकतानुसार आराम करने का भी मौका दें। जब आप तनाव में होती है तो उसका असर भी आपकी त्वचा पर पड़ता है। जो स्त्रियां अधिक तनाव में रहती है उनकी त्वचा उम्र से पहले झुर्रियों युक्त, रूखी, बेजान हो जाती है। जहां तक हो छोटे-छोटे, अनावश्यक तनावों को मन में पाले न रहे। उनसे जितनी जल्दी हो मुक्ति पाने का प्रयास करे। आप अगर खुश रहेगी तो आपका चेहरा भी खिला-खिला नजर आएगा।

 बचें मानसिक तनाव

 से यह तो सभी को पता है कि चिंता चिता के समान होती है। लेकिन इस बात की जानकारी कम ही लोगों को होगी कि अत्यधिक चिंता करने से आपकी त्वचा को नमी प्रदान करने वाली ग्रंथियों का संतुलन भी बिगड़ जाता है, जिसका परिणाम तुरंत आपकी त्वचा पर दिखता है जैसे-झुर्रियां, रूखापन और लकीरे। मानसिक तनाव से बचने के लिए जरूरी है कि आप चीजों को सकारात्मक रूप से लें। अधिक तनाव आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। करे भावनाओं पर नियंत्रण वैवाहिक मतभेद या किसी अपने से अलग होने का गम, प्यार में धोखा खाने से आप भावनात्मक रूप से तनावग्रस्त हो जाती है। इसका प्रभाव आपकी त्वचा पर साफ दिखाई देता है। आप खुद ही महसूस करे कि कई बार गुस्से या शर्म से आपका चेहरा लाल हो जाता है। देखिए कि कैसे भावनाओं का सीधा असर आपके चेहरे पर पड़ता है। बहुत अधिक तनावग्रस्त होने पर आपकी त्वचा कई बार फटने लगती है या फिर जो स्त्रियां हमेशा तनाव में रहती है उनके माथे और आंखों के आसपास लकीरें बन जाती है। इन लकीरों का उम्र से कोई वास्ता नहीं होता है। ऐसे तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन या ध्यान एक अच्छा उपाय है। इसे अपनी आदत बनाएं। सिर्फ एक दिन-दो दिन योग या मेडिटेशन करने भर से ही तनाव कम नहीं होता। सुबह उठकर टहलें। हरे-भरे, रंगीन फूलों से लदे पेड़ आपमें जीने की नई ललक और ऊर्जा भर देंगे और आपका मन हलका हो जाएगा। 

 वरदान है पानी खूब पानी पिएं

 सौंदर्य विशेषज्ञा मीनाक्षी दत्त और वंदना लूथरा का कहना है कि पानी त्वचा के लिए वरदान है। पानी में कुछ मसालों का प्रयोग करके उसे और भी फायदेमंद बनाया जा सकता है। जिसका एक आसान तरीका यह है कि पानी उबालें और उसे एक जार में डाल दें। अब उसमें काली मिर्च पाउडर, गुलाब की 5-6 पंखुड़ियां और एक चुटकी इलायची पाउडर डालकर जार ढंक दें। फिर इसे थोड़ा-थोड़ा दिन में कई बार पिएं। ठंडाई का भी सेवन करे। 

मालिश दे युवा त्वचा

 तेल मालिश से त्वचा स्वस्थ और लंबे समय तक युवा रहती है। बेहतर परिणाम के लिए नहाने से पूर्व रोजाना हर्बल तेल से अपनी त्वचा की मालिश करे। अपने मनपसंद बॉडी ऑयल से नहाने के 45 मिनट पूर्व तेल मालिश करें। फिर पानी में रोज एसेंशियल ऑयल डालकर नहाएं। सीखें खुश रहना जब आप अच्छी-अच्छी बातें सोचती है और खुश रहती है तो आपके चेहरे पर एक अलग चमक और रौनक आ जाती है। खुश रहने से त्वचा में एकत्रित नमी का संतुलन बना रहने के साथ ही रक्तसंचार भी सुचारु रूप से होता है। खुलकर हंसना एक अच्छी एक्सरसाइज भी है। आप खुद ही आजमाकर देख लीजिए। अपने लिए निकालें समय अपने व्यस्त जीवन में अपने लिए समय निकालना भी बेहद जरूरी है। हफ्ते में कोई एक दिन ऐसा निकालें जो सिर्फआपके नाम हो। इस दिन आप अपने हाथों, पैरों और त्वचा की संपूर्ण सफाई के लिए कुछ घरेलू पैक बनाएं। सौंदर्य विशेषज्ञा सुपर्णा त्रिखा कहती है कि अगर आपके पास ज्यादा समय न हो तो कोई एक गूदेदार मौसमी फल को मैश करके त्वचा पर हलके हाथों से कुछ देर स्क्रब करे। फिर ऐसे ही छोड़ दें। फिर ठंडे पानी धोकर पोंछ लें। इसी प्रकार हाथों और पैरों का सौंदर्य बढ़ाने के लिए हलके गर्म पानी में कुछ बूंदें ग्लिसरीन और आधा चम्मच पिसी फिटकरी मिलाकर अपने हाथों और पैरों को उसमें डुबोएं। फिर नीबू के छिलके से कोहनियों को अच्छी तरह साफ करे। साफ पानी से धोकर सुखा लें। फिर बॉडी क्रीम लगाएं। अगर आप हफ्ते में एक बार भी ऐसा करती है तो त्वचा के लिए जरूरी पोषण आसानी से मिल जाएगा। ऐसे ही कुछ आसान तरीके अपनाकर आप अपनी त्वचा ही नहीं, बल्कि तन और मन को स्वस्थ रख सकती है।

त्वचा को ताजगी देने वाले नायाब फेसपैक


चेहरे की चमक और सौंदर्य अधिक समय तक कायम रहे, इसके लिए उसकी कुदरती देखभाल बहुत जरूरी है। फिर कुदरत ने हमें ऐसे अनमोल उपहार भी तो दिए है जिनके उपयोग से न सिर्फ रंगत में निखार आता है, बल्कि त्वचा कोमल, साफ-सुथरी और चमकदार हो जाती है। अगर शुरू से ही आप नियमित रूप से त्वचा की देखभाल करे तो आपकी त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और खूबसूरत बनी रह सकती है। उसमें कसाव और लचीलापन भी बरकरार रह सकता है।
प्रकृति ने हमें तमाम ऐसी चीजें उपहार में दी है जिनके सही उपयोग से हमारी त्वचा लंबे समय तक युवा, आकर्षक और तरोताजा बनी रह सकती है। इस बार सखी कुछ ऐसे ही चुनिंदा प्रकृतिप्रदत्त फेसपैक सौंदर्य बढ़ाने के लिए लाई है, जिन्हे अपनाकर आप वाकई लाजवाब और सुंदर नजर आएंगी, वह भी कुदरती तौर पर।
क्यूकम्बर पैक
1.1/2 छिला हुआ खीरा
2. 1 टी स्पून मिल्क पाउडर
3.1 टी स्पून नारियल पानी
4. 2 टेबल स्पून खरबूजे का गूदा
सभी को मिक्सी में डालकर खूब अच्छी तरह पेस्ट बना लें। चेहरे और गर्दन में लगाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर हलका-सा मलकर छुड़ाएं। यह पैक आपको दिनभर के लिए तरोताजा कर देगा और ठंडक भरा एहसास देगा।
1.1/2 कसा हुआ खीरा
2. 1 टी स्पून शहद
3. 2 टेबल स्पून दूध
4.1 बूंद पिपरमिंट ऑयल
5. 1 टी स्पून ठंडा पानी
सभी सामग्री को एकसाथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी चेहरा साफ कर लें। फिर चेहरे पर मॉयस्चराइजर लगाएं। त्वचा की नमी बरकरार रखने के लिए हर मौसम में मॉयस्चराइजर लगाना जरूरी होता है। यह पैक त्वचा को मुलायम बनाता है और उसे पोषण देने के साथ ही ताजगी प्रदान करता है। गर्मियों में यह फेसपैक हर प्रकार की त्वचा के लिए आदर्श है।
त्वचा की रंगत बनाए रखने के लिए
1. 1/2 कप लैनोलिन
2.1 कप ताजा कटा हुआ लैटयूज
3. 2 बूंद आपका मनपसंद परफ्यूम
लैनोलिन को शीशे के ग्लास में डालें और एक पैन में खूब गर्म पानी भरकर ग्लास को रखें ताकि लैनोलिन पूरी तरह से पिघल जाए। फिर उसमें कटे हुए लैंटयूज के पत्ते डालकर चलाएं और गर्म रखें। पानी से ग्लास हटाकर ठंडा करे फिर लकड़ी के चम्मच से खूब अच्छी तरह फेंटे। जब ठंडा हो जाए तब चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद चेहरा धो लें। लैटयूज एक बेहतर स्किन रिफाइनर है। यह त्वचा को पोषण भी देता है और कांतिमय भी बनाए रखता है।
1.1 टुकड़ा पका पपीता
पपीते को मसल कर चेहरे पर लगाएं। आंखों का हिस्सा छोड़कर लगाएं। 10-15 मिनट बाद ताजे पानी से चेहरा साफ करे। ऐसा हफ्ते में दो बार करे। यह त्वचा को ताजगी प्रदान करेगा और लंबे समय तक युवा बनाए रखेगा।
1. 1/2 कप ताजा स्ट्रॉबेरी 2.1 टेबल स्पून ओटमील
स्ट्राबेरी को मसलकर पेस्ट बना लें फिर उसमें ओटमील मिलाएं। आंखों के आसपास का हिस्सा छोड़कर चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट बाद चेहरा साफ कर लें। चेहरे की रंगत बढ़ाने के लिए स्त्रियां बरसों से स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल करती रही है।
एंटी रिंकल क्रीम
1. 50 ग्राम शुद्ध शहद
2. 25 ग्राम व्हाइट वैक्स
3. 50 ग्राम क्रश्ड व्हाइट लिली
4. 50 ग्राम प्याज का रस सभी सामग्री को किसी नॉन मेटैलिक कंटेनर में डालकर धीमी आंच पर पकाएं। अच्छी तरह चलाएं जब तक कि वैक्स पिघल न जाए। ठंडा करें और अच्छी तरह मिलाएं। चेहरे और गर्दन पर नीचे से ऊपर की दिशा में हाथ को घुमाते हुए लगाएं।
एंटी रिंकल फेशियल मास्क ,
1. 4 अंडों सफेदी
2. 8 ग्राम आमंड ऑयल
3. 25 मिली. गुलाबजल
4.12 ग्राम चंदन पाउडर
अंडे की सफेदी को फेंटकर एक नॉन मेटैलिक पैन में डालें और फिर उसमें गुलाबजल मिलाकर 1/2 मिनट के लिए उबालें फिर उसमें आमंड ऑयल, चंदन पाउडर मिलाकर खूब अच्छी तरह ब्लेंड करे और बोतल में भर लें। जरूरत भर निकालकर चेहरे पर मास्क की तरह लगाएं और सूखने पर ऊपर से नीचे की दिशा में निकालें। ताजे पानी से साफकरके मॉयस्चराइजर लगाएं।
त्वचा में कसाव लाने के लिए
1.1 अंडे की सफेदी
2. 1 टेबल स्पून शहद
अंडे की सफेदी को खूब अच्छी तरह फेंटकर उसमें शहद मिलाएं। फिर आंखों के आसपास का हिस्सा छोड़कर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। दस मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। फिर इसका चमत्कार देखें, त्वचा कसाव के साथ-साथ प्राकृतिक चमक आ जाएगी। दूर से ही आपकी त्वचा स्वस्थ नजर आएगी।
1. 2 टेबल स्पून मिल्क
2.1 नींबू का रस
3.1 टेबल स्पून ब्रैंडी
सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं। कॉटन वूल की सहायता चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
1.1/2 कप पाउडर मिल्क
2.1 टेबल स्पून गर्म पानी
3. 3/4 टेबल स्पून दूध
सभी सामग्री मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। इसे शेविंग ब्रश से चेहरे व गर्दन पर हलके हाथों से तब तक मलते हुए लगाएं जब तक कि त्वचा गुलाबी न ऩजर आने लगे। हलके गर्म पानी से चेहरा सा़फ करे। दोबारा लगाएं और 5-10 मिनट बाद फिर से गुनगुने पानी से धोकर ठंडे पानी से धोएं।
1. 3 टेबल स्पून दरदरी बार्ली
2. 1 टी स्पून शहद
3.1 अंडे की सफेदी
सभी सामग्री को एकसाथ अच्छी तरह मिलाएं। फिर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। बार्ली त्वचा को ठंडक प्रदान करती है और शहद त्वचा में कसाव लाता और धूप से त्वचा को सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है।
क्लींजिंग मास्क
1. 2 टेबल स्पून ओटमील
2.बटर मिल्क या खीरा का जूस सभी सामग्री मिलाकर आंखों के आसपास का हिस्सा छोड़कर चेहरे पर लगाएं। 10 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।

खूबसूरत बनने से पहले ले लें पूरी जानकारी, और रहें सावधान!

अगर अपना आकर्षण बढ़ाने के लिए कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट लेने जा रहे हैं, तो पहले से कुछ जानकारी करना अच्छा होगा। ऐसा न हो कि बाद में पछताना पड़े। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें।

आज किसी भी शहर की गली-गली में स्पा और ब्यूटी पार्लर के बोर्ड देखे जा सकते हैं। ये सभी तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट का भी दावा करते हैं। त्वचा की कायाकल्प से लेकर लेजर विधि द्वारा अनचाहे बालों से छुटकारा दिलाने तक। सौंदर्य और आकर्षण में बढ़ोतरी करने वाले इन ट्रीटमेंट के फेर में लोग अच्छा-खासा धन खर्च कर रहे हैं। कुछ को अपेक्षित परिणाम भी मिलते हैं, लेकिन ज्यादातर गलत इलाज का खामियाजा भुगतने को मजबूर होते हैं।

नियामक संस्था नहीं

इसके लिए ब्यूटी ट्रीटमेंट से जुड़ी किसी नियामक संस्था के न होने को दोषी ठहराया जा सकता है। यही नहीं, देश में कॉस्मेटिक क्लीनिक शुरू करने और उसकी कार्यप्रणाली पर निगाह रखने की भी कोई संस्था या नियम-कानून नहीं है। यही कारण है कि तमाम स्तर पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। मसलन स्पा मसाज के लिए होते हैं, लेकिन ज्यादातर स्किन और बॉडी ट्रीटमेंट भी देते हैं।

प्रोफेशनल्स की कमी

पार्लर्स या क्लीनिक में प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी भी दुर्घटनाओं को जन्म देने का बड़ा कारण है। किसी भी तरह का सौंदर्य उपचार उस विद्या में दक्ष प्लास्टिक सर्जन द्वारा करना चाहिए। लेकिन अधिकांश मामलों में डर्मेटोलॉजिस्ट या शार्ट-टर्म कोर्स किए लोग ही इसे अंजाम दे रहे हैं।

साइड इफैक्ट्स

उपयुक्त प्रोफेशनल्स के न होने की वजह से ही लोगों को ट्रीटमेंट के अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। उलटे उन्हें साइड इफैक्ट्स से अलग जूझना पड़ता है। कुछ ट्रीटमेंट के साथ तो खतरे की आशंका सर्वाधिक होती है, इसीलिए उन्हें प्रशिक्षित डॉक्टरों की देखरेख में अंजाम दिया जाता है। मसलन लिपोसक्शन(चर्बी हटाना)। इसे करने वाले ज्यादातर डॉक्टर दक्ष नहीं है। राइनोप्लास्टी (नाक ठीक करना) के केस भी इसी कारण बिगड़ जाते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़े ट्रीटमेंट के भी ज्यादातर मामलों में निराशा हाथ लगती है।

पैसों पर ध्यान

कॉस्मेटिक उपचार देने वालों में नीम-हकीमों की संख्या भी कम नहीं है। अक्सर लोग पैसों को तरजीह देते हैं और ट्रीटमेंट की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते। सबसे सुरक्षित तरीका तो यही है कि जिस डॉक्टर से ट्रीटमेंट ले रहे हैं, उसकी विश्वसनीयता परख लें। किसी ट्रीटमेंट को लेने के बाद जरूरी है कि समय-समय पर उसकी नियमित जांच कराई जाती रहे, लेकिन अधिकांश लोग इस साधारण नियम को नजरअंदाज कर देते हैं। जरूरी है कि यह जांच कर लें कि संबंधित डॉक्टर मेडिकल कॉउंसिल में पंजीकृत है या नहीं। जहां तक संभव हो किसी अच्छे और बड़े अस्पताल से जुड़े किसी कॉस्मेटिक सर्जन या डॉक्टर की ही सेवाएं लें। इस तरह आप साइड इफैक्ट से बच सकेंगे।
-डॉ. अनूप धीर
कॉस्मेटिक सर्जन, नई दिल्ली


इनका रखें ध्यान

एसोसिएशन ऑफ एस्थेटिक एंड प्लास्टिक र्सजस के मुताबिक किसी ब्यूटी ट्रीटमेंट या टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने से पहले निम्न सावधानी बरती जा सकती है।

> मेडिकल कॉउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त क्लीनिक की सेवाएं लें। डॉक्टर की डिग्री, अनुभव और रिकॉर्ड की भी जानकारी करें।
> अमूमन डॉक्टर अपनी डिग्रियां फ्रेम करा के रखते हैं। अगर ऐसा नहीं हो तो उनसे दिखाने को कहें।
> भले ही डॉक्टर कितना अनुभवी क्यों न हो, लेकिन जो ट्रीटमेंट आप लेने जा रहे हैं, उसमें उसकी दक्षता जानना कतई नहीं भूलें।
> आपात स्थिति के लिए इंतजाम क्लीनिक में हैं या नहीं, इसकी जानकारी भी करें।
> डॉक्टर के दावों पर यकीन न करें। उनसे अमल में लाई जा रही तकनीक के संभावित परिणाम और शामिल खतरों के बाबत लिखित में लें।
> अस्पताल या क्लीनिक के पेपर पर साइन करने से पहले नियम-कायदों और जवाबदेही से जुड़ी सारी बातें ध्यान से पढ़ लें।
> संबंधित विशेषज्ञ या डॉक्टर से पहले इलाज करा चुके व्यक्ति से फीडबैक लें।
> साइड इफैक्ट और उससे कैसे निपटा जाएगा, इस पर डॉक्टर से पहले ही बात कर लें।