गर्मी की तपन के बाद बारिश का स्वागत हर कोई बड़े मन से करता है। ये रिमझिम फुहारें अच्छी तो लगती है लेकिन इस मौसम में आर्द्रता बढ़ने के कारण त्वचा पर उसका सीधा असर होता है। वर्षा ऋतु यानी मानसून एक ऐसा समय होता है जब अपनी ही त्वचा, अजनबी सी लगने लगती है। कभी वह एकदम चिपचिपी कभी शुष्क तो कभी डिहाइड्रेटेड लगती है। इसीलिए इस मौसम में त्वचा की सुरक्षा और देखभाल विशेष तौर पर की जानी आवश्यक होती है।
आप क्या करे इस मौसम में उचित आहार सबसे जरूरी होता है। न्यूट्रिशनिस्ट्स का मानना है कि खानपान का सीधा असर आपकी त्वचा पर भी पड़ता है। मौसम के अनुकूल खाने की आदत न सिर्फ व्यक्ति को स्वस्थ रखती है बल्कि उसकी त्वचा भी स्वस्थ रहती है। डाइट ऐसी हो जिससे पाचन तंत्र पर अधिक जोर न पड़े। अपने भोजन में हरी सब्जियां और फाइबरयुक्त चीजों को शामिल करना आवश्यक होता है।
इस मौसम में जिंकयुक्त पदार्थो का लेना अत्यंत लाभप्रद रहता है, क्योंकि जिंक एंटीबैक्टीरियल होता है और यह तत्व सूरजमुखी के बीज, सोयाबीन, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज से काफी अच्छी मात्रा में उपलब्ध हो जाता है। आहार विशेषज्ञ नीतू साल्वे के अनुसार, इस मौसम में सब्जी बनाने से पूर्व, नमक मिले गुनगुने पानी में अच्छी तरह धो ले ताकि कोई संक्रमण आंतों तक न पहुंच पाए। डाइटीशियन श्रुति कहती है कि बरसाती मौसम में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट से जितना बचें उतना ही अच्छा है क्योंकि कभी-कभी ये पदार्थ एलर्जी का कारण बन जाते है। बाह्यं स्तर पर देखभाल स्नान के लिए नीम सोप या डिटॉल सोप का प्रयोग करें। इस मौसम में संक्रमण की अधिक संभावना रहती है। इसलिए साफ-सफाई बेहद आवश्यक है। अपने शरीर को अंदरूनी स्तर पर सूखा रखने के लिए भीगे कपड़ों को जहां तक संभव हो तुरंत बदलें। टेल्कम पाउडर का इस्तेमाल जरूर करे। त्वचा की सफाई दिन में तीन-चार बार चेहरे की त्वचा की सफाई करे। हर रात त्वचा की किस्म के अनुसार फेसपैक लगाना, टोनिंग और मॉयस्चराइजिंग करना नियम बना लें। सौंदर्य विशेषज्ञा सुनीता अरोड़ा के अनुसार बरसात के दिनों में हर तीसरे दिन त्वचा की स्क्रबिंग जरूरी होती है ताकि मृत कोश निकल जाएं और त्वचा की भीतरी सफाई भी हो जाए। स्क्रबिंग से त्वचा की ऊपरी सतह पर जमा प्रदूषण, सिबेशियस की पर्त आदि दूर होती है और त्वचा हर संक्रमण से बची रह सकती है। कैसा हो मेकअप सौंदर्य विशेषज्ञा विद्या टिकारी के अनुसार आजकल बहुत लाइट मेकअप पसंद किया जा रहा है। बारिश के मौसम में वाटरप्रूफ मेकअप बेहतर होता है।
इसके अलावा आप ये टिप्स अपना सकती हैं-
1. अपने चेहरे की क्लीजिंग मिल्क द्वारा अच्छी तरफ साफ करें फिर एक साफ सूती कपड़े में बर्फ के कुछ टुकड़े डालकर कुछ देर चेहरे पर फेरे। फिर हलके से पोंछ लें। अगर त्वचा तैलीय है तो इसके बाद एस्ट्रिजेंट लगाएं और शुष्क से सामान्य त्वचा पर टोनर लगाएं।
2. इस मौसम में फाउंडेशन न लगाकर यूवी प्रोटेक्शन युक्त सूफ्ले लगाएं। फिर कॉम्पेक्ट लगाकर ब्रश से झाड़ दें।
3. चिपचिपाहट से बचने के लिए वाटर बेस्ड मॉयस्चराइजर प्रयोग में लाएं। लाइट पिंक या बेबी पिंक कलर की लिपस्टिक या मैट फिनिश लाइट शेड्स की लिपस्टिक इस्तेमाल करे।
4. इस मौसम में आर्टीफिशियल आभूषण न पहनें। कभी-कभी इनसे पसीने और चिपचिपाहट के कारण एलर्जी भी हो जाती है। इसीलिए स्टोन के जेवर जैसे गार्नेट, रूबी, पन्ना, हीरा, जरकन तथा लाख के बने हलके आभूषण पहनें। चिपचिपी गर्मी के कारण परेशानी से बचने के लिए कम से कम आभूषण पहनें।
5. अपनी आईब्रोज शेप में और अपरलिप्स हमेशा साफ रखें। ऐसा करने से आपके फीचर्स शार्प लगेंगे और आप मेकअप के बिना भी आकर्षक दिखेंगी।
6. इस मौसम में विशेष हेयर स्टाइल के बजाए, साधारण हेयर स्टाइल जैसे पोनीटेल या बालों को ऊपर की ओर खींचकर बांधना, जूड़ा बनाना तथा उसके ऊपर हेयर क्लिप लगाना ठीक रहता है
। 7. पर्स, बैग, सैंडिल, जूते लेदर के बजाए रेक्सीन के प्रयोग में लाएं।
8. मौसम भले ही बरसात का हो काली घटा छाई रहे लेकिन आप जब भी घर वे बाहर निकलें सनस्क्रीन लगाना न भूलें।
9. मेकअप में मैट फ्री फाउंडेशन और कॉम्पेक्ट का इस्तेमाल करे। काजल का प्रयोग न ही करे तो बेहतर होगा।
बालों की सफाई
1. त्वचा को संक्रमण से बचाए रखने के लिए अपने बालों की सफाई, कंडीशनिंग आदि पर विशेष ध्यान दें।
2.इस मौसम में चिपचिपाहट और पसीने के कारण डैड्रफ होने की संभावना रहती है। कुछ स्त्रियों को बाल झड़ने की समस्या से भी सामना करना पड़ता है।
3. हफ्ते में तीन बार अपने बालों की किस्म के अनुसार शैंपू का इस्तेमाल करे और धोने के बाद एक मग पानी में एक चम्मच सिरका डालकर बाल जरूर धोएं। इससे बालों को बॉडी मिल जाती है और वे चमकदार हो जाते है।
4. लंबे बालों को सूखने में ज्यादा वक्त लगता है और आपके पास इतना वक्त न हो तो ऐसे में हेयर ड्रायर का प्रयोग कर लें पर गीले बालों को बांधे नहीं। ऐसा करने से सिर की त्वचा में खुजली तथा बालों के टूटने-झड़ने की समस्या हो सकती है।
5. बालों में डैंड्रफ न हो इसके लिए नियमित शैंपू करना आवश्यक है।


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