Monday, 30 July 2012

दूध और गुलाबजल को चेहरे पर ऐसे लगाएं, स्किन ग्लो करने लगेगी


प्रदूषण के बुरे प्रभावों से त्वचा को बचाने के लिए दूध  काफी मददगार सिद्ध होता है। जानिए दूध के खास उपाय जिनसे आपकी त्वचा लंबे समय चमकदार और जवान रहेगी-

- प्रतिदिन सुबह या शाम को दूध की मलाई में हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं। फिर थोड़ी देर बाद पानी से धो लें। इससे जल्द ही आपके चेहरे पर निखार आ जाएगा।

- गुलाबजल और कच्चा दूध मिलाकर चेहरे पर लगाएं। त्वचा चमक जाएगी।

- यदि आपके पास पर्याप्त समय हो तो रात के समय काजू को दूध में भिगोकर रख दें। इसके बाद सुबह इन काजू को पीस लें और मुल्तानी मिट्टी मिलाएं। इस तरह दूध में भीगे हुए काजू और मुल्तानी मिट्टी का पेस्ट बन जाएगा। इस पेस्ट में नींबू की कुछ बूंदे डाल लें। अब इसे चेहरे पर, हाथों और पैरों पर लगाएं। कुछ देर बाद पानी से धो लें। आपकी त्वचा एकदम निखर जाएगी।

- यदि आपकी स्किन ड्राय है तो थोड़ी सी दूध की मलाई लें उसमें शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं, इससे स्किन की ड्रायनेस समाप्त हो जाएगी।

Monday, 23 July 2012

10 ब्यूटी सीक्रेट्स हर गर्ल के लिए


हर स्मार्ट लडकी हमेशा चमकते और दमकते रहना चाहती है। जाहिर है, आप भी चाहती होंगी। यहां ब्यूटी एक्सपर्ट सुषमा खान बता रही हैं ऐसे ही उपयोगी ब्यूटी सीक्रेट्स, जो आपको देंगे एक नई पहचान।
 1. काजल और लिपलाइनर हमेशा लगाना : आपका ब्वॉयफ्रेंड अचानक आपको कॉफी का ऑफर दे सकता है या एक ही घंटे में आपको इंटरव्यू के लिए जाना पड सकता है। इसलिए काजल और लिपलाइनर का इस्तेमाल जरूर करें। सुषमा के मुताबिक काजल भारतीय स्त्री की खूबसूरती में हमेशा ही चार चांद लगाता है। यह आंखों का आकर्षण बढाने का आसान तरीका है। इसी तरह लिपलाइनर भी लगाना जरूरी होता है, क्योंकि यह लंबे समय तक टिकता है और फैलता भी नहीं है। अगर आप अपनी पसंदीदा लिपस्टिक लगा रही हैं तो साथ में लिपलाइनर लगाना न भूलें।

 2. सनस्क्रीन जरूर लगाना : यह बहुत महत्वपूर्ण है। यह सौंदर्य बढाने में मदद नहीं करती बल्कि त्वचा को धूप की तेज अल्ट्रावॉयलेट किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जमुना पई के मुताबिक धूप से बचने के लिए हर चार घंटे में सनस्क्रीन का प्रयोग करना जरूरी है। शोध से यह पता चलता है कि यूवीए किरणें त्वचा के सांवलेपन का कारण होती हैं। साथ ही ब्राउन स्पॉट और झुर्रियां भी इन्हीं के कारण होती है। इसलिए चाहे घर पर रहे या बाहर निकलें, लेकिन सनस्क्रीन जरूर लगाएं। लेकिन सनस्क्रीन के नाम पर कोई भी प्रोडक्ट न खरीद लें। उसका लेबल जरूर पढ लें। उसमें दिया गया एसपीएफ यूवीवी किरणें, जो त्वचा के झुलसने और स्किन कैंसर होने से बचाता है। एसपीएफ 15 से 30 भारतीय स्किन टाइप के लिए मुफीद होते है। उसमें मौजूद सामग्री पर भी ध्यान दें जो वास्तव में आपको यूवीए किरणों से सुरक्षा प्रदान करने में मदद करें। मसलन हेलियोप्लेक्स और मेक्जोरिल युक्त हो।

 3. हर दूसरे दिन शैंपू : क्या कभी आपने अपना पुराना एल्बम पलटते हुए इस बात पर ध्यान दिया है कि आपकी दादी और नानी के बाल आपकी उम्र में कैसे और कितने स्वस्थ थे। आपके बाल अगर उतने स्वस्थ और अच्छे नहीं तो इसका सीधा कारण है प्रदूषण, जंक फूड और स्ट्रेस। इंटरनेशनल हेयर एक्सपर्ट जमाल हाम्मदी के मुताबिक भारतीय युवतियों की सबसे आम समस्या है बालों का रूखापन, क्योंकि हर दूसरी स्त्री कामकाजी है और चारों तरफ प्रदूषण का सामना, धूप का प्रकोप, काम का बोझ और स्ट्रेस का सामना करती है। साथ ही स्ट्रेस के कारण जंक फूड की तरफ रुझान बढने लगता है। इन सबका सीधा असर बालों की सेहत पर पडता है। फैशन अपनाने के कारण स्ट्रेटनिंग, ब्लो-ड्राइंग, कलरिंग और केमिकल ट्रीटमेंट से गुजरती हैं, जिस कारण बालों से कुदरती मॉयस्चर निकल जाता है। ऐसे में बालों की खास देखभाल बहुत जरूरी है। इससे भी जरूरी है अपने बालों की किस्म के मुताबिक हफ्ते में तीन बार शैंपू करना। सबसे बडी बात यह कि स्त्री चाहे किसी भी उम्र की हो, मेकअप किया हो या नहीं, लेकिन जिस दिन शैंपू करती है उस दिन वह बेहद सुंदर दिखती है। इसलिए शैंपू करने में कोताही न बरतें।

 4. भरपूर नींद : रातभर तारे ही गिनती न रह जाएं। रोजाना समय पर सोने के लिए ठान लें और नियम बनाएं कि आप एक निश्चित समय पर सोएंगी। टिश्यू और सेल्स को रेजुवेनेट करने के लिए नींद बहुत जरूरी है। त्वचा को रेजुवेनेट करने के लिए रात में एक अच्छी नाइट क्रीम लगाएं। रेटिनॉल बेस्ड क्रीम चुनें जो पिग्मेंटेशन, पोर्स और बारीक लकीरों को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही कोलेजन को बढाते हैं।

 5. त्वचा को दमकने दें : डॉक्टर जमुना पई के मुताबिक एक्सफोलिएशन सबसे जरूरी है। प्रदूषण भरे वातावरण में डेड सेल्स की समस्या आम होती है। एक्सफोलिएट इस्तेमाल करने से त्वचा के मृत कोश भी निकल जाते हैं और त्वचा रेशम सी कोमल और चमकदार हो जाती है। डेड सेल्स को हटाने के लिए माइक्रोडर्माब्रेजन और ग्लाइकॉलिक पील्स ट्रीटमेंट करा सकती हैं।

 6. सही शेप में हों आइब्रोज : पार्लर में जब आप जाती हैं तो वहां हमेशा जूनियर ब्यूटीशियन ही आइब्रोज बनाने के लिए क्यों तैयार रहती है? आइब्रोज बहुत महत्वपूर्ण फीचर है। वह जैसी शेप बना देंगे आप वैसी ही दिखने लगेंगी। इनके साथ एक्सपेरिमेंट न करें। सीनियर ब्यूटीशियन से ही बनवाएं। आइब्रोज की शेप से पता चलता है कि आप गुस्सैल हैं, हंसमुख, खुशमिजाज, चतुर या सौम्य हैं। इसलिए परफेक्ट शेप रखें। यह ध्यान दें कि आपकी आइब्रोज आपकी आंखों की लाइन के पास से ही शुरू हों और आंखों के कोनों के बाहर तक खत्म हों। जब आपको लगे कि आपकी आइब्रोज की शेप बिगड रही है, लापरवाही न करें और थ्रेडिंग जरूर कर लें।

 7. मेहंदी और ऑयल ट्रीटमेंट : रेशमी बाल और चमकदार त्वचा हर स्त्री का गहना होते हैं। इसलिए हफ्ते में एक बार हॉट ऑयल मसाज बेहद जरूरी है। स्कैल्प में तेल जज्ब हो जाए इसलिए मसाज के बाद बालों में गर्म तौलिया लपेटें। मसाज के लिए कोकोनट ऑयल का ही इस्तेमाल करें। ऑलिव ऑयल बालों के लिए हेवी हो सकता है। इसके अलावा महीने में एक बार मेहंदी ट्रीटमेंट भी ले। मेहंदी पाउडर में कॉफी पाउडर और अंडे की जर्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं। वेजटेरियन लोग अंडे की जगह शहद का प्रयोग कर सकते हैं और अगर आप बालों में मेहंदी का रंग नहीं चढाना चाहती हैं तो उससे पहले तेल लगाना न भूलें।

 8. एक अच्छा हेयर कट : जब कुछ समझ न आए तो एक अच्छा हेयर कट लें। लेकिन अपनी पर्सनैल्टी और चेहरे पर सूट करने वाला। प्रत्येक दो-चार माह में हेयरकट जरूरी है। बिखरे, उलझे, दो मुंहे, बेजान बाल आपके व्यक्तित्व के आकर्षण को खत्म कर देते हैं। एक अच्छा हेयरकट आपकी पर्सनैल्टी में वॉल्यूम भर देता है। अपने हेयर एक्सपर्ट की सलाह से ऐसा हेयरकट लें, जो आप पर सूट करे और आपको स्मार्ट बनाए।

 9. लकीरों को करें बाय-बाय: अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखकर आप असमय झुर्रियों से बच सकती हैं। अगर यह कल्पना नहीं कर सकतीं कि मॉयस्चर की कमी से आपकी त्वचा का क्या हाल हो सकता है तो एक फ्रेश ब्लैक ग्रेप को किशमिश का रूप लेते देख सकती हैं। मॉयस्चर की कमी और सूखने पर वही ताजा अंगूर सिकुडी हुई किशमिश में बदल जाता है। उसी तरह नमी की कमी के कारण त्वचा भी सिकुड सकती है। बेजान, रूखी हो सकती है। बेहतर होगा कि ऑयल फ्री मॉयस्चराइजर हमेशा अपने साथ रखें। जब भी त्वचा रूखी लगे थोडा सा मॉयस्चराइजर जरूर लगाएं।

 10. सेहत का रखें खयाल : स्वास्थ्य सही हो तो सौंदर्य दोगुना हो जाता है। स्वास्थ्य तभी सही रह सकता है जब आप अपना खयाल रखें। सही वक्त पर सही, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें। हफ्ते में कम से कम 5 बार 30 से 40 मिनट तक एक्सरसाइज करें। वजन पर नियंत्रण रखने के लिए जंक फूड, ऑयली चीजें और मिर्च मसालों से दूर रहें। एक्सरसाइज से रक्त संचार बढता है और चेहरे पर ग्लो आता है। तो स्मार्ट गर्ल बनने के लिए थोडी मेहनत करनी होगी। आज ही और अभी से..।

Tuesday, 10 July 2012

रूखे बाल, नो टेशन


हम आए दिन बालों से जुड़ी किसी न किसी समस्या से परेशान रहते है। खास तौर पर अगर सिर की त्वचा रूखी, बेजान और बाल पतले हों तो समस्या और भी बढ़ जाती है। लेकिन क्या इन समस्याओं का समाधान बाजार में उपलब्ध हेयर केयर प्रोडक्ट्स से हो जाता है? क्या कोई भी प्रोडक्ट हर किसी के बालों के लिए सही होता है? ऐसे ही तमाम उलझनों को सुलझा रही है मुंबई की हेयर एक्सपर्ट दिलशाद पस्ताकिया। तो आप भी जानिए रूखे बालों की देखभाल से जुड़ी आम लेकिन महत्वपूर्ण बातें।
 1. सबसे पहले तो एक बात ध्यान देने वाली यह है कि अमूमन स्त्रियां सिर झुकाकर बालों को धोती है। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। सिर को सीधा रखकर शॉवर लेना चाहिए। ताकि तैल ग्रंथियां संतुलित रहे और रक्त संचार सुचारू रूप से हो सके।
2. यह ठीक है कि बालों को हर दूसरे दिन धोना चाहिए लेकिन उन्हे रोज धोने से बचना चाहिए, जब तक कि बेहद आवश्यक न हो। रोज बाल वे स्त्रियां ही धो सकती है जो लंबे समय तक बाहर रहती है या फिर किसी स्पोर्ट में सक्रिय हों। यदि बाल जल्दी गंदे नहीं होते तो आप तीन दिन में एक बार बाल धो सकती है।
3. बालों को धो लेती है, जो गलत है।
4. शॉवर लेने से पहले बालों को ब्रश जरूर करे। इससे बाल उलझते नहीं है।
5. बालों को शैंपू करते समय सारे बालों को सिर के ऊपर रखकर साफ न करे। इससे बाल उलझकर टूटते जाते है।
6. बालों को हमेशा सामान्य पानी से धोएं, गर्म पानी से नहीं, क्योंकि वह आपके सिर की त्वचा से कुदरती तेल चुरा लेता है। यह कुदरती तेल बालों को सुरक्षा प्रदान करता है और उनकी चमक बरकरार रखता है।
7. बालों को धोते समय वर्जिश न करे। अधिक ताकत के साथ बाल धोने से उनके टूटने का डर रहता है।
8. सिर की त्वचा और बालों का रूखापन दूर करने के लिए कंडीशनर का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। अत्यधिक रूखे बाल होने पर सिर की त्वचा पर भी दो मिनट कंडीशनर लगाना आवश्यक होता है।
9. शैंपू लेते समय दो बातों का ध्यान रखें कि वह सोडियम लॉरेस्ट सल्फेट या सोडियम लॉरेल हो।
10. हमेशा चौड़े मुंह वाली कंघी का इस्तेमाल करे। याद रखें कि बैक कोम्बिंग बालों के टूटने का मुख्य कारण है। बेहतर होगा कि बालों को सेंटर पार्टिग करके सुलझाएं।
11. अपनी डाइट का भी खयाल रखें। हाई प्रोटीन डाइट लें, दूध और उससे बने प्रोडक्ट्स, अंडा और मछली खाएं। साथ ही 5 बादाम पानी में भिगोकर रोज खाएं।
12. बालों को गिरने से बचाने के लिए गीले बालों को तौलिये से रगड़कर या ब्लो ड्राई केजरिये न सुखाएं, उन्हे अपनी अंगुली की सहायता से सामान्य रूप से सुखाएं। 13. अगर हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी हो तो उसे लोएस्ट सेटिंग में सेट करे।
14. हफ्ते में एक बार 2-3 मिनट तक सिर का मसाज करने से बालों की जड़ें मजबूत होती है और रक्त संचार बढ़ता है।
15. बालों में जल्दी-जल्दी हेयर कलर न कराएं। ऐसा करने से उनका कुदरती तेल कम होने लगता है। इसीलिए कलर किए हुए बालों
को विशेष देखभाल और कंडीशनिंग की आवश्यकता होती है। रूखे बालों में कलर नहीं कराना चाहिए।
16. बालों को बांधने के लिए छोटे हेयर बैंड की अपेक्षा बड़े हेयर बैंड ठीक होते है। इससे बालों के टूटने का डर कम होता है।
17. हफ्ते में एक बार टॉवल ट्रीटमेंट लें। अगर बाल और सिर की त्वचा बेहद रूखी हो गई है तो हफ्ते में एक बार 2 चम्मच दही, 1 अंडा और 1/4 नीबू का रस मिलाकर सिर की त्वचा और बालों में आधा घंटे के लिए लगाएं। फिर शैंपू कर लें।
18. रूखे बाल जल्दी और अधिक टूटते है। इन्हे गिरने से बचाने के लिए हेयर फॉलिंग सॉल्यूशन थेरेपी लें।

बेदाग रहेगी त्वचा


शल्य चिकित्सा या जंग के दौरान शरीर में हुए घाव के निशान आपके शरीर ही नहीं दिमाग पर भी असर डालते है। एक नए शोध में इन दागों को मिटाने के लिए एक आसान तरीके को खोज निकालने का दावा किया गया है। इस खोज को करने वाले न्यूयार्क विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडीसिन के शोधकर्ता ब्रूस एन.क्रोंसटेन का कहना है कि ये दाग कुरूपता पैदा करने वाले तो होते ही है साथ ही अगरे ये बड़े हों तो इनसे लोगों के जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। एफएएसईपी जर्नल की रिपोर्ट में वह कहते है, ''हम उम्मीद करते है कि हमारी इस नई खोज से लोगों को उन्हे कुरूप बनाने वाले दागों से छुटकारा मिलेगा। हमारी यह खोज ना केवल जले के निशानों को दूर कर सकेगी बल्कि यह लंबी बीमारी के बाद त्वचा पर पड़ने वाले दागों को हटाने में भी कारगर साबित होगी।'' एक वक्तव्य के मुताबिक इस खोज में बताया गया है कि किस तरीके से रेसेप्टर को एडनोसाइन ग्रहण करने से रोकने वाले एजेंट्स को दागों पर धीरे-धीरे मल कर उन्हे खत्म किया जा सकता है। एफएएसईबी जर्नल के संपादक गेरॉल्ड विसमैन कहते है,''यह खोज घावों और शल्य चिकित्सा से बने दागों को मिटाने में काफी कारगर है।''

Monday, 2 July 2012

कैसे रखें सुरक्षित मेकअप प्रोडक्ट


हर ब्यूटी प्रोडक्ट की एक एक्सपायरी डेट होती है। लेकिन क्या आप प्रोडक्ट विशेष को उसकी एक्सपायरी डेट तक ही इस्तेमाल करना चाहती है या उससे पहले खराब हो जाने पर अपने कलेक्शन से बाहर निकाल देना चाहती है? खुद ही तय करे और जानें कि ये कीमती प्रोडक्ट सुरक्षित कैसे रह सकते है? वे प्रोडक्ट्स जो बार-बार हवा में खुलते है या इस्तेमाल किए जाते है, आपकी उंगलियों के कीटाणुओं के भी संपर्क में आते है। इस तरह वे एक्सपायरी डेट से पहले ही खराब हो जाते है। कोई विशेष प्रोडक्ट अगर आप महीनों से इस्तेमाल कर रही है और वह अचानक खराब हो जाए तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है। क्योंकि बार-बार खुलने और हवा के संपर्क में आने से ऐसा हो जाता है। इतना ही नहीं कुछ प्रोडक्टं्स जैसे मस्कारा या आइलाइनर, काजल बार-बार इस्तेमाल करने के बाद आपको इन्फेक्शन भी दे सकता है। इसलिए इन्हे सुरक्षित रूप से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। कई प्रोडक्टं्स में प्रयोग की गई सामग्री की क्षमता बार-बार ऑक्सीजन और रोशनी के संपर्क में आने से नष्ट हो जाती है। हालांकि अधिकतर कॉस्मेटिक या स्किन केयर प्रोडक्टं्स में किसी न किसी तरह का पैराबेन नामक केमिकल मौजूद होता है, लेकिन एक समय बाद उसके खराब होने का खतरा बना ही रहता है। इस तरह प्रोडक्ट अपनी विशेषता धीरे-धीरे खो देता है। कूल इफेक्ट वाला लिक्विड आईलाइनर जो पहले आईलाइन बनाते ही ठंडक का एहसास देता है और जल्दी सूख जाता है, हो सकता है बार-बार खुलने से कुछ समय बाद सही काम न करे। आइए जानते हैं कि कौन से प्रोडक्ट्स कितने समय तक इस्तेमाल किए जा सकते है और उन्हे सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है।

कैसे रहे लंबे समय तक सही 1.अपने ब्यूटी प्रोडक्ट्स को ठंडे, सूखे और अंधेरे वाले स्थान में रखे। धूप, नमी और आंच से दूर रखें। यानी अपने बाथरूम में न रखें। 2. कोई भी स्किन केयर या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। दो-तीन बार डिप न करे। जैसे एक आंख के लिए एक बार लिक्विड आई लाइनर ब्रश निकालें तो बार-बार डिप न करे। 3.अपने मेकअप ब्रश, स्पॉन्ज/पफ को हर बार इस्तेमाल के बाद धोएं। 4. अगर आपके पास क्रीम का बड़ा जार है तो सुरक्षित रखने के लिए अपनी जरूरत भर की निकालकर एक छोटे कंटेनर में रखें। निकालने के लिए स्टेरेलाइज स्पैटुला का प्रयोग करे। 5. अपने हैडबैग में जरूरत से अधिक ब्यूटी प्रोडक्टं्स न रखें। शरीर के तापमान और गर्मी के कारण प्रोडक्ट्स की अनुकूलता नष्ट होने लगती है और कई बार उसका रंग भी बदल जाता है। कब करे कलेक्शन से बाहर 1. अगर प्रोडक्ट्स से अजीब तरह की गंध आने लगे। 2. उसका रंग बदल जाए। 3. इस्तेमाल करने पर अचानक से आपकी त्वचा में जलन या रैशेज हो जाएं। तो आप ही तय करे कि आप अपनी त्वचा की सुरक्षा चाहती है या फिर क्रीम का बड़ा जार साल-दो साल तक इस्तेमाल करते रहना चाहती है। साथ ही प्रोडक्ट्स में मौजूद बैक्टीरिया को हटाना चाहती है या पालना चाहती है। अपने कीमती ब्यूटी प्रोडक्ट्स की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए थोड़ी मेहनत तो करनी ही पड़ेगी। ताकि आप और आपके ब्यूटी प्रोडक्ट दोनों ही रहे सुरक्षित। यह तो आप जानती ही है कि हमेशा के लिए कुछ नहीं रहता। इसीलिए जब तक आपके प्रोडक्ट्स की शेल्फ लाइफ है, तब तक उन्हे जरूर सहेज कर रखें। प्रोडक्ट का प्रकार खुलने के बाद सलाह- शेल्फ लाइफ मस्कारा, आईलैश कर्लर पैड्स-3 महीने- एक बार मस्कारा लगाने के बाद बार-बार आईलैशेज को न छुएं। न ही अपना मस्कारा किसी दूसरे को इस्तेमाल करने दें। अन्यथा इन्फेक्शन होने का डर रहता है। आई जेल और क्रीम-3 महीने-रोज हवा और ज‌र्म्स के संपर्क में आने से खराब हो सकता है। साफ-सुथरे हाथों से इस्तेमाल करे।

लिक्विड फाउंडेशन- 3-6 महीने- इसे हमेशा अपनी हथेलियों के बीच में निकालें। अपनी उंगली से निकालने की कोशिश न करे। इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अच्छी तरह हिलाएं। कंसीलर -3 महीने-इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए अपने कंसीलर ब्रश को हर बार इस्तेमाल के बाद धोना न भूलें। नैचरल बॉडी कंसीलर- 6 महीने- बस इस बात का ध्यान रखें कि इसके भीतर पानी न जाने पाए। फेस क्रीम एंड लोशंस- 6 महीने- बहुत सारे लोशन और क्रीम में विटमिन ए,सी और ई केतत्व होते है जो बार-बार खुलने और इस्तेमाल करने से हवा के संपर्क में आने पर अपना वास्तविक असर जल्द ही खो देते है। इसलिए इस्तेमाल के तुरंत बाद इन्हे ठीक से बंद करना न भूलें। साफ हाथों से ही निकालें। आईशैडो, आई लाइनर- 6 महीने-आपके चेहरे का सबसे नाजुक हिस्सा है आंखें। इनमें संक्रमण होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसलिए खुद ही इस्तेमाल करे। आईशैडो को उसमें दिए गए ब्रश से प्रयोग करे। उंगली का प्रयोग न करे। ब्रश महीने भर बाद बदल दें। आई लाइनर को देर तक खुला न रखें। टोनर एंड एसेंस-1 साल-अगर आप चाहती है कि यह सुरक्षित रहे और आपकी त्वचा संक्रमण से दूर रहे तो एक साल से अधिक इसका इस्तेमाल न करे। पाउडर - 1 साल हर बार इस्तेमाल के बाद अपने मेकअप ब्रश को धोना न भूलें। पाउडर ब्लश लिपस्टिक -1-2 साल- होंठों पर लगाने के बाद उसकी टिप को अपनी साफ उंगली पर एक बार घुमाएं जैसे पोंछते है। फिर बंद करे। इसे ठंडे स्थान पर रखें। जरूरत से ज्यादा बाहर न निकालें। अगर रंग गहरा चाहती है तो लिप ब्रश का इस्तेमाल करे। फिर ब्रश को कॉटन बोल से साफ कर लें। फेसवॉश -काफी समय तक सही रहता है।

Thursday, 21 June 2012

सांवली त्वचा का सलोना निखार


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यूँ तो साँवली त्वचा की खूबसूरती पर कवियों ने अपनी कलम खूब चलाई है। बावजूद इसके सांवला रंग युवा वर्ग में परेशानी का सबब बना हुआ है। गोरेपन की क्रीम के झांसे में फंसने के बजाय बेहतर होगा कि अपनी त्वचा को निखरी और सलोनी बनाने के प्रयास किए जाए। 

दुनिया की कोई भी क्रीम आपको गोरा नहीं बना सकती अत: आपको जो त्वचा प्राकृतिक रूप से मिली है उसी को स्वस्थ और आकर्षक बनाने के जतन करने चाहिए। 

सांवली त्वचा को सलोनी रंगत देने के लिए अपनी मजीठ, हल्दी, चिरौंजी 50-50 ग्रा. लेकर पाउडर बना लें। एक-एक चम्मच सब चीजों को मिलाकर इसमें 6 चम्मच शहद मिलाएं और नींबू का रस तथा गुलाब जल डालकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का सांवलापन दूर होकर रंग निखर आएगा। 

नींबू व संतरे के छिलकों को सुखाकर चूर्ण बना लें। इस पाउडर को हफ्ते में एक बार बिना मलाई के दूध में मिलाकर लगाएं, त्वचा में आकर्षक चमक आएगी। जाड़े के दिनों में दूध में केसर या एक चम्मच हल्दी का सेवन करने से भी रक्त साफ होता है।


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Tuesday, 19 June 2012

बॉडी पॉलिशिंग चमकाए तन-मन

गर्मी के दिनों में पूरे शरीर की रंगत एक जैसी नहीं रहती। त्वचा पर कहीं ब्लैक पैचेज बन जाते हैं, तो कहीं स्किन सन टैन हो जाती है। बहुत देर एसी में बैठने से त्वचा का मॉइश्चराइजर कम होने लगता है जिससे स्किन ड्राई लगने लगती है। ऐसे में बॉडी पॉलिशिंग कराकर स्किन का ग्लो वापस पाया जा सकता है। बॉडी पॉलिशिंग के बारे में बता रही हैं सुषमा कुमारी



क्या करते हैं प्रयोग
बॉडी पॉलिशिंग में पूरे शरीर की पॉलिशिंग की जाती है। इसके लिए खास तरह के प्रोडक्ट प्रयोग किए जाते हैं जैसे- बॉडी क्रीम, बॉडी ऑयल, बॉडी सॉल्ट, बाम, बॉडी पैक, एक्सफॉलिएशन क्रीम वगैरह। बॉडी स्क्रब भी पॉलिशिंग का एक हिस्सा है। इससे त्वचा के रोमछिद्रों की गंदगी भी साफ हो जाती है। फलों के तेल, फलों के बीज के टुकड़ों या ओटमील से बना स्क्रब त्वचा की रंगत को निखारने में सहायक होता है। इनके अलावा कुछ खास फूलों का रस भी बॉंडी पर लगाया जाता है। फूलों के रस में ऑर्किड फ्लावर्स का रस खासकर यूज किया जाता है। यह शरीर पर दवाई का काम करता है क्योंकि इससे दाने व मुंहासे वगैरह ठीक हो जाते हैं। यह पूरी तरह प्राकृतिक उपचार होता है इसलिए शरीर पर इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता।
प्रक्रिया
बॉडी पॉलिशिंग में सबसे पहले शरीर की सामान्य सफाई की जाती है। उसके बाद पूरे शरीर को स्क्रब किया जाता है। यह स्क्रब चेहरे पर प्रयोग होने वाले स्क्रब से सॉफ्ट होता है और बिल्कुल हल्के हाथों से शरीर पर लगाया जाता है। इससे बॉडी की डेड स्किन निकल जाती है और शरीर साफ हो जाता है। इसके बाद स्टीमर से स्टीम दी जाती है। स्टीम देने के बाद बाम, नींबू या वेजिटेबल जूस, पपीता, टमाटर, संतरे वगैरह से शरीर की मसाज की जाती है।
फिर अल्ट्रासोनिक मशीन से विटामिन व न्यूट्रीशंस स्किन में पहुंचाए जाते हैं। इसके बाद ऑयल क्रीम से मसाज करने पर बॉडी चिकनी हो जाती है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं। चूंकि बॉडी को क्लींजिंग, स्क्रब व मसाज देने से शरीर के रोमछिद्र खुल जाते हैं इसलिए पूरे बॉडी पर पैक लगाकर शरीर को फॉयल पेपर से रैप कर दिया जाता है और ऊपर से गर्म पानी में भीगा व निचोड़ा तौलिया लपेटा जाता है। शरीर को 20 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ देते हैं। इसके बाद शरीर को साफ करके एसपीएफ क्रीम लगाई जाती है। इस पूरे प्रक्रिया में दो-तीन घंटे का समय लग जाता है।
पॉलिशिंग के प्रकार
ब्राउनशुगर और जोजोबा ऑयल: ब्राउनशुगर और जोजोबा ऑयल को समान मात्र मे विटामिन ई के कैप्सूल के साथ डालकर जो मिश्रण तैयार किया जाता है, उससे अगर पॉलिशिंग की जाए तो त्वचा में प्राकृतिक नमी बरकरार रहती है।
स्ट्रॉबेरी और शुगर: इसमें स्ट्रॉबेरी और शुगर के स्क्रब, जिसमें ऑलिव ऑयल की समान मात्र हो, का उपयोग शरीर पर किया जाता है।
बेकिंग सोडा और एलोवेरा: बॉडी पॉलिशिंग के लिए बेकिंग सोडा और एलोवेरा का भी उपयोग किया जाता है। बेकिंग सोडा एक्ने यानी कि मुंहासे दूर करने में मददगार होता है। एलोवेरा शरीर की प्राकृतिक मॉइश्चराइजिंग करता है।
हर्बल: इसके लिए तैयार किए जाने वाले पॉलिशिंग मैटीरियल में रोजमैरी, लैवेंडर या त्वचा के प्रकार के अनुसार हर्बल ऑयल मिलाया जाता है। इस तरह बॉडी पॉलिशिंग से शरीर तो तरोताजा हो ही जाता है, हर्बल ऑयल की प्राकृतिक सुगंध भी मन को खुशनुमा एहसास दिलाती है।
सॉल्ट बॉडी स्क्रब: बॉडी पॉलिशिंग करवाने के लिए कई तरह की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है जिनमें से सॉल्ट बॉडी स्क्रब सबसे बेहतर है। इस पैक में सेंधा नमक और स्क्रब मिला होता है जो मृत त्वचा को जवां बनाता है।
सॉल्ट बॉडी स्क्रब के साथ ऐसी कई सामग्रियां हैं जैसे- चॉकलेट, कॉफी, फलों के रस वगैरह, जिन्हें इस्तेमाल में लाया जाता है। अब यह आपकी पसंद है कि आपकी बॉडी की क्या जरूरत है और आपका कितना बजट है। इसे एरोमैटिक तेलों और क्रीम के साथ प्रयोग किया जाता है जिससे त्वचा में नमी आती है। इसे बॉडी पर केवल 10 मिनट तक लगाकर रखते हैं फिर धो लेते हैं।
सावधानियां
- दो-तीन दिन धूप में न निकलें। जरूरी हो, तो पूरा शरीर कवर कर लें।
- शरीर पर सनबर्न या अन्य किसी कारण से जलने या चोट के ताजे निशान हों तो पॉलिशिंग न कराएं।
- पॉलिशिंग कराने के लगभग 20 मिनट बाद साधारण पानी से स्नान कर सकती हैं। इससे पॉलिशिंग के दौरान शरीर में लगे रह गए पदार्थ साफ हो जाते हैं।
- बुखार, सनबर्न या बीमारी के दौरान बॉडी पॉलिशिंग न करें। 
- फायदेमंद तेल और पोषक तत्व आपके बॉडी में ठीक से समा जाएं इसलिए नहाते वक्त साबुन और बॉडी वॉश का प्रयोग न करें। अच्छा होगा कि इसे साफ करने के लिए एक गरम पानी में भिगोए तौलिए का ही इस्तेमाल करें।
पॉलिशिंग के फायदे
-बॉडी पॉलिशिंग द्वारा शरीर की फस्र्ट लेयर यानी डेड स्किन हट जाती है।
-सेंकेंड लेयर तक क्रीम पहुंचाई जाती है ताकि शरीर का उचित पोषण मिल सके। 
-अगर आप स्ट्रेस में हैं तो इससे आपको रिलैक्स मिलेगा।
-पूरी बॉडी की रंगत एक जैसी हो जाती है।
-शरीर साफ हो जाता है और चमकने लगता है।